ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (AG)वासेनार व्यवस्था (WA)तथा मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था(MTCR)
ऑस्ट्रेलिया ग्रुप(AG)
- इस समूह की स्थापना ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों के कारण हुआ था जिसके कारण से ऑस्ट्रेलिया समूह कहते हैं
- खाड़ी युद्ध के दौरान रासायनिक और जैविक हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए इस संधि को बनाया गया था
- इस में वर्तमान में कुल 43 सदस्य हैं
- भारत 2018 में ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का सदस्य बना था
- इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्यात नियंत्रण के माध्यम से रासायनिक हथियार और जैविक हथियारों का प्रसार ना हो सके
- रासायनिक और जैविक हथियारों के प्रयोग को रोकने के लिए यह समूह अत्यंत महत्वपूर्ण है
- रासायनिक हथियार वैज्ञानिक तरीके से विकसित किए जाते हैं वही जैविक हथियार प्रकृति ने मौजूद विभिन्न प्रकार के विमानों से तैयार किए जाते हैं यह अत्यंत ही घातक होते हैं
- जय को रासायनिक हथियारों के प्रयोग से अत्यंत विनाशकारी परिणाम हुए हैं इसके प्रयोग से लोगों की मृत्यु घुटन के साथ होती हैं जो अत्यंत ही दर्दनाक होती है
- 1984 में इराक के रासायनिक हमले के प्रयोग के बाद 1985 में से स्थापना की गई थी
वासेनार व्यवस्था(WA)
- इसका उद्देश्य पारंपरिक हथियारों और दोहरे उपयोग वाले सामानों और प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण पर पारदर्शिता को बढ़ावा देना है
- इसमें कुल 42 सदस्य देश हैं
- भारत 2017 में इसमें शामिल हुआ था
- वासेनार व्यवस्था की शुरुआत 1996 में हुई थी
मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था(MTCR)
- मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था की शुरुआत 1987 में जी 7 देशों ने किया
- वर्तमान में इस में कुल 35 सदस्य देश हैं
- भारत 2016 में शामिल हुआ
- इसका उद्देश्य मिसाइलों पूर्ण रॉकेट प्रणाली मानवरहित हवाई वाहन अर्थात ड्रोन और 500 किलो के पेलोड को कम से कम 300 किलोमीटर तक ले जाने में सक्षम प्रौद्योगिकियों के प्रसार को सीमित करना है
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